Sunday, December 16, 2018

श्रीलंका में प्रधानमंत्री पद पर फिर लौटे रानिल विक्रमसिंघे

श्रीलंका में जारी राजनीतिक उठापटक में अब रानिल विक्रमसिंघे ने फिर से प्रधानमंत्री पद पर वापसी की है.

अक्तूबर में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद रविवार को उन्होंने फिर से पद की शपथ ली.

विक्रमसिंघे के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद इस द्वीपीय देश में जारी राजनीतिक संकट के भी समाप्त होने के संकेत मिले हैं.

राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने रानिल विक्रमसिंघे को फिर से प्रधानमंत्री न बनाने का प्रण लिया था. लेकिन अचानक बदले घटनाक्रम में रविवार को विक्रमसिंगे फिर से प्रधानमंत्री बना दिए गए.

सेना को अस्थायी बजट लागू करने के लिए एक जनवरी से पहले संसद की मंज़ूरी लेना आवश्यक था और इसी वजह से उन्हें अपना रुख बदलना पड़ा है.

पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने सरकार के ठप्प होने की आंशकाओं के मद्देनज़र शनिवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. राजपक्षे संसद में बहुमत साबित नहीं कर सके थे.

ये पांचवीं बार है जब विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है लेकिन इससे पहले वो एक भी बार कार्यकाल पूरा नहीं कर सके हैं.

रविवार को हुए शपथ समारोह में मीडिया को नहीं बुलाया गया था और इसमें विक्रमसिंघे के गठबंधन के कुछ ही नेता शामिल थे.

अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रपति मैत्रीपाल श्रीसेना ने मतभेदों की वजह से अपने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को पद से हटा दिया था.

इसके बाद उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी और पूर्व राष्ट्रपति रहे महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी लेकिन राजपक्षे संसद में बहुमत साबित नहीं कर सके.

राष्ट्रपति कार्यालय और संसद के बीच गतिरोध की वजह से श्रीलंका में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था.

वहीं एक निचली अदालत ने राजपक्षे और उनकी मंत्रिपरिषद के काम करने पर रोक लगा दी थी. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अदालत के फ़ैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

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