Tuesday, December 4, 2018

एक और 'पप्पू' जो 18 वर्षों से कर रहा है ओडिशा पर राज

भारतीय राजनीति में सिर्फ़ सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग अकेले राजनेता हैं जो नवीन पटनायक से अधिक समय तक इस पद पर बने रहे हैं.

नवीन के बारे में मशहूर है कि वो शायद भारत के सबसे चुप रहने वाले राजनेता हैं जिन्हें शायद ही किसी ने आवाज़ ऊंची कर बात करते सुना है.

हाल ही में नवीन पटनायक की जीवनी लिखने वाले अंग्रेज़ी पत्रिका आउटलुक के संपादक रूबेन बैनर्जी बताते हैं, "आप उनसे मिलेंगे तो पाएंगे कि उनसे बड़ा सॉफ़्ट स्पोकेन, शिष्ट, सभ्रांत और कम बोलने वाला शख़्स है ही नहीं. कभी कभी तो लगता है कि वो राजनेता हैं ही नहीं. लेकिन सच ये है कि उनसे बड़े राजनीतिज्ञ बहुत कम लोग हैं."

"वो न सिर्फ़ राजनीतिज्ञ हैं बल्कि निर्मम राजनीतिज्ञ हैं. इस हद तक कि पहुंचे हुए राजनीतिज्ञ भी उनका मुक़ाबला नहीं कर सकते. कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति उनकी रगों में है. लेकिन ये भी सच है कि अपने जीवन के शुरुआती 50 सालों में उन्होंने राजनीति की तरफ़ रुख़ नहीं किया. लेकिन एक बात पर किसी का मतभेद नहीं हो सकता कि नवीन बहुत चालाक हैं. ओडिशा में उनकी टक्कर का राजनेता दिखाई नहीं देता."

नवीन पटनायक को राजनीति विरासत में मिली थी. उनके पिता बीजू पटनायक न सिर्फ़ ओडिशा के मुख्यमंत्री थे बल्कि जाने माने स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे.

बीजू पटनायक का योगदान
बीजू पटनायक के जीवनीकार सुंदर गणेशन अपनी किताब 'द टॉल मैन' में लिखते हैं, "बीजू पटनायक ने दिल्ली की सफ़दरजंग हवाई पट्टी से श्रीनगर के लिए अपने डकोटा डी सी-3 विमान से कई उड़ाने भरी थीं. 17 अक्तूबर 1947 को वो लेफ़्टिनेंट कर्नल देवान रंजीत राय के नेतृत्व में 1-सिख रेजिमेंट के 17 जवानों को लेकर श्रीनगर पहुंचे थे."

"उन्होंने ये देखने के लिए कि हवाई पट्टी पर पाकिस्तानी सैनिकों का क़ब्ज़ा तो नहीं हो गया था, दो बार बहुत नीचे उड़ान भरी. प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की तरफ़ से उन्हें साफ़ निर्देश थे कि अगर उन्हें ये लगे कि हवाई पट्टी पर पाकिस्तान का नियंत्रण हो गया है तो वो वहाँ पर अपना विमान न उतारें."

"बीजू पटनायक ने विमान को ज़मीन से कुछ ही मीटर ऊपर उड़ाते हुए देखा कि विमान पट्टी पर एक भी शख़्स मौजूद नहीं था. उन्होंने अपने विमान को नीचे उतारा और वहाँ पहुंचे 17 भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी हमलावरों को खदेड़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई."

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