हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रोफेसर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम को देश का नया मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल 3 वर्ष का होगा. सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
बता दें कि अरविंद सुब्रमण्यम ने इस साल जुलाई में व्यक्तिगत कारणों से मुख्य आर्थिक सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया था. अरविंद सुब्रमण्यम ने अक्टूबर, 2014 में मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद संभाला था. उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी. इस दौरान रघुराम राजन आरबीआई गवर्नर बने थे. अरविंद सुब्रमण्यम ने का कार्यकाल मई 2019 तक था.
सुब्रमण्यम शिकागो बूथ से पीएचडी हैं और आईआईटी और आईआईएम के छात्र भी रह चुके हैं. सुब्रमण्यम की गिनती दुनिया के टॉप बैंकिंग, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और इकनॉमिक पॉलिसी एक्सपर्ट में होती है. एकेडमिक करियर की शुरुआत से पहले सुब्रमण्यम न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन चेज के साथ कंसल्टेंट के तौर पर काम कर चुके हैं.
वहीं मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना की वेबकास्टिंग न करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह निर्देश जारी किए गए हैं कि काउंटिग हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और मतगणना के दौरान वाईफाई का इस्तेमाल न हो.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के एक निजी होटल में ईवीएम मशीन और सागर जिले में बिना नंबर की स्कूल बस से स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम पहुंचाए जाने का वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनादेश को पटलने की कोशिश कर रही है. वहीं, एक अन्य मामले में शुक्रवार को ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग एक घंटे के लिए बिजली नहीं होने की वजह से स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी और एलईडी डिस्प्ले इस अवधि में काम नहीं कर पाया.
इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने भी माना है कि मध्य प्रदेश में ऐसी दो घटनाएं हुईं थीं जिसमें ईवीएम को लेकर नियमावली का पालन नहीं किया गया. लेकिन आयोग का कहना था कि यह गलती प्रक्रिया तक ही सीमित है और मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई. लेकिन आयोग ने एक अधिकारी को मशीने देरी से जमा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.
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