यहां शुक्रवार को एक ट्रेनी लड़ाकू विमान मिराज-2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 2 पायलटों की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार सुबह बेंगलुरु के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एयरपोर्ट पर हुआ। प्लेन में दो ही पायलट सवार थे। हादसे के वक्त दोनों प्लेन से बाहर निकल गए थे। एक पायलट की मौत प्लेन के मलबे पर गिरने से हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा, जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल हादसे के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। मृतक पायलटों की पहचान समीर एब्रोल और सिध्दार्थ नेगी के रूप में की गई। दोनों विमान और सिस्टम परीक्षण संस्थान में स्कॉर्डन लीडर थे।
एयरफोर्स का जगुआर प्लेन क्रैश
28 जनवरी 2019 को उत्तरप्रदेश के कुशीनगर के खेतिमपुर में एयरफोर्स का जगुआर प्लेन क्रैश हुआ था। हादसे के बाद प्लेन में आग लग गई थी। हालांकि, विमान के पायलट ने पैराशूट के जरिए अपनी जान बचा ली थी। ये सुपर सोनिक विमान जगुआर फ्रांस में बना था, जो कम ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम है और दूर तक मार कर सकता है।
गुजरात में भी हुआ था हादसा
गुजरात के कच्छ में पिछले साल 5 जून को भारतीय वायुसेना का जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयर कमोडोर रैंक के अफसर संजय चौहान शहीद हो गए थे। बताया गया था कि एयरक्राफ्ट ने रुटीन ट्रेनिंग के लिए जामनगर से उड़ान भरी थी।
एयरफोर्स का जगुआर प्लेन क्रैश
28 जनवरी 2019 को उत्तरप्रदेश के कुशीनगर के खेतिमपुर में एयरफोर्स का जगुआर प्लेन क्रैश हुआ था। हादसे के बाद प्लेन में आग लग गई थी। हालांकि, विमान के पायलट ने पैराशूट के जरिए अपनी जान बचा ली थी। ये सुपर सोनिक विमान जगुआर फ्रांस में बना था, जो कम ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम है और दूर तक मार कर सकता है।
गुजरात में भी हुआ था हादसा
गुजरात के कच्छ में पिछले साल 5 जून को भारतीय वायुसेना का जगुआर एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एयर कमोडोर रैंक के अफसर संजय चौहान शहीद हो गए थे। बताया गया था कि एयरक्राफ्ट ने रुटीन ट्रेनिंग के लिए जामनगर से उड़ान भरी थी।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र की मोदी सरकार ने अपना अंतरिम बजट पेश किया. कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जब सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण पढ़ना शुरू किया, तो उनके पिटारे से हर किसी के लिए तोहफे निकले. किसान, महिला, टैक्स पेयर, युवा, मजदूर पीयूष गोयल ने हर किसी की झोली भर दी. शुरू में तो टैक्स पेयर के लिए कोई ऐलान नहीं किया गया था, लेकिन भाषण के अंत में पीयूष गोयल ने जैसे ही ऐलान किया कि अब 5 लाख रुपये तक सालाना कमाने वाले टैक्सपेयर को कोई टैक्स नहीं देना होगा तो मिडिल क्लास की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
मोदी सरकार के इस अंतरिम बजट को चुनावी सौगातों की बौछार के तौर पर भी देखा जा रहा है. कांग्रेस शासित प्रदेश में जिस तरह कर्जमाफी की गई उस लिहाज से मोदी सरकार ने किसानों की जेब में सीधा कैश पहुंचाने का ऐलान किया. इस बजट में किसके लिए क्या खास है, यहां पढ़ें...
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