Friday, April 19, 2019

साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी पर क्या कहते हैं मालेगांव के पीड़ित

महाराष्ट्र के मालेगांव में अंजुमन चौक और भीकू चौक के बीच शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट के सामने 29 सितंबर 2008 की रात 9.35 बजे बम धमाका हुआ था जिसमें छह लोग मारे गए और 101 लोग घायल हुए थे.

इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने 23 अक्तूबर 2008 को साध्वी प्रज्ञा सिंह, कर्नल पुरोहित, अजय राहीरकर, राकेश धावड़े और जगदीश म्हात्रे को लोगों को गिरफ्तार किया था. भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भोपाल लोकसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है.

इस हमले में लियाकत अली शेख़ की दस साल की बेटी फ़रीन की मौत हो गई थी. वे बताते हैं, "पांचवीं में पढ़ती थी, दस साल की थी. टिकिया भजिया लाने गई थी. तेज़ धमाके की आवाज़ आई. मेरी घरवाली ने कहा कि अपनी बच्ची भी गई है, मैं ने कहा कि आ जाएगी."

"लेकिन जब घबराहट हुई थी तो मैं गया. मुझे बताया गया कि बच्ची भी घायलों में हैं. मैं वाडिया अस्पताल गया. लेकिन उन लोगों ने मुझे बच्ची को देखने भी नहीं दिया. कहा आप मत देखो. मैं देख भी नहीं पाया"

वे आगे बताते हैं, "ऐसे धमाके करवाने वाली साध्वी को फांसी या सज़ा मिलनी चाहिए थी, आप टिकट दे रहे हैं."

हालांकि लियाकत अली शेख़ को भरोसा है कि इस मामले में इंसाफ़ होगा. वे कहते हैं, "हमको हिंदुस्तान के क़ानून पर यक़ीन है, हमें इंसाफ़ मिलेगा. हमें पूरा भरोसा है."

अज़हर के 59 साल के पिता निसार अहमद सैय्यद बिलाल का बताते हैं, "उस दिन बिलाल भिकू चौक गया था और वहीं पर धमाके की चपेट में आ गया. आज अगर वह ज़िंदा होता तो मेरा सहारा बन गया होता."

साध्वी प्रज्ञा सिंह को भोपाल से टिकट दिए जाने पर निसार अहमद सैय्यद बिलाल कहते हैं, "मुजरिम को सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन उन्हें टिकट दिया जा रहा है. हमारे ज़ख़्मों पर नमक छिड़का जा रहा है."

परिवार को किसी तरह की मदद के बारे में भी सैय्यद नाराज़ हैं, उनके मुताबिक़, "परिवार के लिए कोई फ़ायदा नहीं मिला है. सरकारी नौकरी का आश्वासन मिला था, लेकिन ना तो नौकरी मिली है और ना ही किसी तरह का मुआवज़ा मिला है."

निसार अहमद सैय्यद बिलाल इस मामले में कहते हैं, "इस मामले की जांच की हेमंत करकरे ने की थी और उनके द्वारा जमा किए गए काग़ज़ात अब गुम हो गए हैं, ऐसा सरकार दावा कर रही है. अगर सरकार बोल रही है कि हम चौकीदार हैं तो चौकीदार के होते हुए काग़ज़ात गुम कैसे हो गए."

बिलाल ने एनआईए कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल करके कहा है कि साध्वी को चुनाव लड़ने से रोका जाए. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है, "साध्वी के वकील ने यह कहकर ज़मानत ली है कि वो बहुत बीमार हैं और बिना सहारे चल फिर नहीं सकती हैं. वे कोर्ट की सुनवाई में भी हाज़िर नहीं होती हैं और दूसरी तरफ़ लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रही हैं. इसका मतलब है कि वे पूरी तरह स्वस्थ्य हैं. ये कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश है क्योंकि उनको बीमारी के आधार पर ही ज़मानत मिली है."

मालेगांव धमाके के पीड़ितों का मामले को क़ानूनी रूप से लड़ने वालों में स्थानीय डॉक्टर अख़लाक़ भी शामिल हैं. वे पीड़ितों से मिलकर एनआईए में गवाहों की पेशी भी सुनिश्चित करते हैं.

उन्होंने कहा, "किसी भी हालत में साध्वी की ज़मानत रद्द होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने बीमारी का बहाना बनाकर ज़मानत ली है. कोर्ट की तारीख़ पर नहीं आ रही हैं. लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. ये ठीक बात नहीं है."

स्थानीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता आसिफ़ अली बताते हैं, "आज बीजीपे ने साध्वी प्रज्ञा को टिकट दिया है, कल आप छोटा राजन, दाऊद इब्राहिम या रवि पुजारी को भी टिकट दे सकते हैं ताकि किसी भी तरह से चुनाव जीता जाए. ये साफ़ दिख रहा है कि नाथूराम गोडसे के विचार गांधी के विचार पर भारी पड़ रहे हैं."

महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन का कहना है, "साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के उपर कोई भी आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं. पिछले दस साल से चल रहे मामले में उन्हें ज़मानत मिली है."

"अगर आरोप साबित नहीं हुए हैं तो किसी को उनके चुनाव लड़ने को विरोध करने की वजह नहीं है. इंदिरा गांधी की की हत्या के बाद सिखों का कत्लेआम हुआ था. उसके आरोप गांधी परिवार पर थे फिर भी वह चुनाव लड़ ही रहे थे. इसलिए साध्वी कोई विरोध ना करे और उसकी राजनीति भी ना करें."

Monday, April 15, 2019

वर्ल्ड कप 2019: क्या आपका भी दांव इन 15 क्रिकेटरों पर

साल 2003 का वर्ल्ड कप याद है न आपको. जब भारतीय चयनकर्ताओं ने तमाम क्रिकेट प्रेमियों को अपनी पसंद से चौंका दिया था. वैरी-वैरी स्पेशल स्टाइलिश बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण की जगह दिनेश मोंगिया को टीम में शामिल कर लिया गया था.

तब चयनकर्ताओं के इस फ़ैसले की कई क्रिकेट प्रशंसकों ने निंदा की थी.

उम्मीद करनी चाहिए कि पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई की मौजूदा चयन समिति ऐसा कोई 'हैरतअंगेज़' फैसला न ले जिसे 'हज़म' कर पाना विश्लेषकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए मुश्किल हो.

यूँ तो विराट कोहली की कप्तानी में इंग्लैंड जाने वाली इस टीम में कमोबेश सारे चेहरे जाने-पहचाने ही होंगे, लेकिन अब भी टीम में कुछेक स्थानों को लेकर किंतु-परंतु का दौर जारी है.

ऋषभ पंत, के एल राहुल, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, नवदीप सैनी जैसे खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं की उलझन बढ़ाई है तो रवि चंद्रन अश्विन, उमेश यादव, अंबाटी रायुडू और दिनेश कार्तिक जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का दावा भी कम नहीं आंका जा सकता.

सोमवार को कप्तान विराट कोहली, मुख्य कोच रवि शास्त्री भी मुंबई में उस बैठक में शामिल हो सकते हैं, जिसमें उन 15 खिलाड़ियों के बारे में फ़ैसला होना है, जिन्हें वर्ल्ड कप का टिकट दिया जाना है.

भारत वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत पाँच जून को साउथहैम्पटन में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ करेगा. टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 30 मई को मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगा.

बीबीसी हिंदी ने क्रिकेट विश्लेषकों से बात की और समझने की कोशिश की टीम में किन खिलाड़ियों की जगह पक्की कही जा सकती है और किन स्थानों को लेकर चर्चा हो सकती है.

पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और 1983 में भारत की पहली ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत का हिस्सा रहे मदनलाल कहते हैं, "टीम में अधिकांश खिलाड़ियों के नाम लगभग तय है. रोहित और शिखर की सलामी जोड़ी को लेकर किसी तरह की उलझन नहीं होनी चाहिए, रही बात तीसरे या रिज़र्व ओपनर की तो केएल राहुल इस जगह के लिए एकदम फिट हैं. चौथे नंबर पर विजय शंकर को लें या अंबाटी रायुडू को, इस पर चयनकर्ता विचार कर सकते हैं."

मदनलाल की फ़ेवरिट 15:

रोहित शर्मा, शिखर धवन, केएल राहुल, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, विजय शंकर/अंबाटी रायुडू और रवींद्र जडेजा.

क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन का भी मानना है कि चयनकर्ताओं के पास बहुत अधिक उलटफेर करने का विकल्प नहीं है. विजय शंकर ने पिछले कुछ मैचों में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है. उन्हें जितने भी मौके मिले उन्होंने साबित किया है कि चौथे नंबर के लिए वो उचित हैं.

इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने कुलदीप और चहल की पुख्ता जगह के बावजूद टीम में वापसी की है. जडेजा उपयोगी ऑलराउंडर हैं और फ़ील्डिंग में भी बेहद चुस्त हैं. दूसरे विकेटकीपर को लेकर दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत के बीच मुक़ाबला है, लेकिन बाज़ी पंत के हाथ लगती हुई दिख रही है.

पंत आईपीएल मैचों में अब तक 222 रन बना चुके हैं, जबकि कार्तिक का प्रदर्शन औसत रहा है और वो कुल मिलाकर 100 का आंकड़ा ही पार कर पाए हैं. इसके अलावा, पंत बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं और एक लेकर सात नंबर तक बल्लेबाज़ी के लिए उतर सकते हैं.

रोहित शर्मा, शिखर धवन, (केएल राहुल या मयंक अग्रवाल में से), विजय शंकर, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा.

एक और क्रिकेट समीक्षक प्रदीप मैगज़ीन भी मानते हैं कि चयनकर्ता तीन सीमर्स के साथ-साथ दो स्पिनरों को टीम में जगह देंगे.

मेरी नज़र में अंबाटी रायुडू की जगह चयनकर्ताओं को युवा और आतिशी बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को मौका देना चाहिए. इससे भारतीय टीम को दो-दो ज़रूरतें पूरी होंगी. उन्हें एक रिज़र्व विकेटकीपर भी मिलेगा और किसी भी वक्त मैच का रुख़ पलटने का दम रखने वाला बल्लेबाज़ भी.

प्रदीप मैगज़ीन की फ़ेवरिट 15:

रोहित शर्मा, शिखर धवन, केएल राहुल, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, ऋषभ पंत, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, विजय शंकर और रवींद्र जडेजा.

भारत के लिए तीन वर्ल्ड कप खेल चुके और 2011 की विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहे विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने भी ट्विटर पर अपने 15 संभावित खिलाड़ियों की घोषणा की है.

सहवाग ने लिखा, "2019 के लिए मेरी टीम. सात खिलाड़ी 2015 वर्ल्ड कप टीम में से और आठ अन्य खिलाड़ी. आपकी टीम क्या है?"

सहवाग ने 2015 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा रहे जिन सात खिलाड़ियों को अपने फ़ेवरिट 15 में शामिल किया है, उनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, धोनी, जडेजा, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी शामिल हैं.

गांगुली का मानना है कि भारत को चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ इंग्लैंड जाना चाहिए. अन्य दो गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ओपनिंग के लिए बेस्ट है, लेकिन तीसरे ओपनर के रूप में केएल राहुल को टीम में शामिल किया जा सकता है.

गांगुली का मानना है कि कोहली को तीसरे नंबर पर ही बल्लेबाज़ी के लिए आना चाहिए, जबकि अंबाटी रायुडू को चौथे, धोनी को पाँचवें और केदार जाधव को छठे क्रम पर बल्लेबाज़ी के लिए उतारा जाना चाहिए.

Monday, April 8, 2019

तलवार के जोर पर बंद कराईं मीट की दुकानें : प्रेस रिव्यू

हिंदुस्तान अख़बार की ख़बर है कि हिंदू सेना के कथित कार्यकर्ताओं ने शनिवार को गुरुग्राम में तलवार से डराकर मीट की 12 दुकानें बंद करा दीं.

तलवार, लाठी-डंडों के साथ आए कार्यकर्ता नवरात्र पर मीट की बिक्री का विरोध कर रहे थे.

कार्यकर्ताओं ने डूंडाहेड़ा, सिरहौल, मोलाहेड़ा, गुड़गांव, राजेंद्र पार्क, बेहरामपुर, कादीपुर आदि जगहों पर मीट की दुकानों को बंद करवाया. इसके चलते कुछ जगहों पर कार्यकर्ताओं और दुकानदारों के बीच झड़प भी हो गई.

हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष रितु राज ने कहा कि हमने 3 अप्रैल को उपायुक्त को नवरात्र में मीट की दुकाने बंद करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था.

गुरुग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने अख़बार से कहा है कि किसी को क़ानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा. जिन्होंने भी क़ानून तोड़ा है पुलिस उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि अमरीका ने एफ-16 लड़ाकू विमान की पाकिस्तान जाकर गिनती की है.

अख़बार लिखता है कि उसे ये जानकारी इस विवाद के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में अमरीकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता से मिली है.

इससे पहले अमरीका की एक प्रतिष्ठित पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' ने कहा था कि 'अमरीकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकू विमानों की गिनती की है और उनकी संख्या पूरी है.'

पत्रिका का कहना था कि एक अमरीकी दल ये जांचने के लिए पाकिस्तान गया था कि 27 फ़रवरी को हुई डॉगफ़ाइट के दौरान भारत ने पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकू विमान को गिराया था.

उधर पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा था, ''अब समय आ गया है कि भारत अपने नुक़सान के बारे में सच्चाई बताए.''

लेकिन, भारत अपने पुराने दावे पर कायम है. भारतीय वायुसेना ने इसके जवाब में कहा है कि 27 फ़रवरी को उसने पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकू विमान को गिराया था.

इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर दी गई है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा है कि भारत ने मिशन शक्ति के तहत हुए एंटी सेटेलाइट टेस्ट से फैला कचरा 45 दिनों में साफ हो जाएगा. स्पेस स्टेशन को उससे कोई खतरा नहीं है.

साथ ही इस टेस्ट के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेने के सवाल पर डीआरडीओ के कहा कि सभी ज़रूरी अनुमति ली गई थीं.

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने बताया कि इस टेस्ट के लिए भारत ने 300 किमी. से कम का ऑर्बिट चुना था ताकि कचरे की समस्या से बचा जा सके. साथ ही उन्होंने बताया कि ये ऑर्बिट अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से करीम 120 किमी. नीचे था.

इससे पहले अमरीका ने टेस्ट के कारण हुए कचरे को लेकर सवाल उठाए थे और इससे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन को नुकसान पहुंचने की बात कही थी.

अमर उजाला अख़बार में ख़बर है कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पहला वोट अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में डाला गया है. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 80 जवानों ने अपना सर्विस वोट डाला.

डीआईजी सुधाकर नटराजन आगामी लोकसभा चुनाव के सर्विस वोट वर्ग के पहले मतदाता बने. इसके लिए लोहितपुर में मतदान केंद्र बनाया गया था.

सर्विस वोट वर्ग के तहत चुनावी ड्यूटी में लगाए कर्मचारी और सुरक्षा बल मतदान की निर्धारित तारीख से पहले वोट डालते हैं. 16 लाख से ज़्यादा लोग इस चुनाव में सर्विस वोटर के तौर पर पंजीकृत हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया लिखता है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अगर बीजेपी सरकार सत्ता में आती है तो वो राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) को और सख़्त करेगी.

राजनाथ सिंह ने गाजियाबाद में रैली के दौरान ये बातें कहीं और कांग्रेस पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ''हम किसी को भी भारत की सुरक्षा के साथ नहीं खेलने देंगे. मुझे नहीं पता कि कांग्रेस देश को कहां ले जाना चाहती है.''

राजनाथ सिंह ने ये बात कांग्रेस के उस वादे के संबंध में कही जो पार्टी ने लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में किया है. पार्टी ने वादा किया है कि अगर वो सत्ता में आती है तो देशद्रोह की धारा खत्म कर देगी.

Friday, April 5, 2019

लोकसभा चुनाव 2019: पीडीपी से गठबंधन पर प्रधानमंत्री मोदी बोले- मिलावट वाला कार्यक्रम था हमारा

विपक्षी दलों के गठबंधन को 'महामिलावट' की संज्ञा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राय में जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के बीच जो गठबंधन हुआ था, वो 'मिलावट वाला कार्यक्रम' था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस समय दोनों दलों का गठबंधन हुआ था, "उस समय भी हमने कहा था कि हम दो ऐसी पॉलिटिकल पार्टियां हैं, जो दो ध्रुव के हैं. एक प्रकार से मिलावट वाला ही कार्यक्रम था हमारा."

एबीपी न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत में मोदी से सवाल किया गया था कि क्या पीडीपी से गठबंधन करके बीजेपी से ग़लती हुई, इस पर मोदी ने कहा कि तब वहां सरकार बन पाने की कोई स्थिति नहीं थी.

उन्होंने कहा, "हमने गठबंधन किया, उस समय मुफ्ती साहब थे. सीनियर लीडर थे. मैच्योर थे. चीजें समझ पाते थे. हमने (सरकार) चलाने की कोशिश की. कुछ अच्छे काम भी किए. लेकिन मुफ्ती साहब चले गए. (आगे) महबूबा जी के साथ काम करना था. "

दोनों पार्टियों का गठबंधन टूटने को लेकर मोदी ने कहा, "महबूबा जी का एक अलग काम करने का तरीका है. अब मुद्दा एक महत्वपूर्ण आया जिसके कारण ब्रेक हुआ. हमारा मत था कि जम्मू कश्मीर में स्थानीय निकाय के चुनाव होने चाहिए. ये नहीं चाहते थे कि पंचायतों की ताकत बढ़े. उन्होंने डर पैदा करने की कोशिश की. आखिर में हमने फ़ैसला किया कि अगर आप चुनाव नहीं कराते हैं तो हम आपसे दूर जाते हैं."

पाकिस्तान को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के बारे में दुनिया को जानकारी ही नहीं हो पाती है कि देश कौन चला रहा है.

उन्होंने कहा, "अभी तक मैंने दुनिया के कई नेताओं से पूछा है और जो मैंने सुना है और जो मैं अनुभव कर रहा हूं, ये बड़ा मुश्किल है दुनिया के लिए. पाकिस्तान में पता नहीं चलता है कि देश कौन चलाता है. चुनी हुई सरकार चलाती है, सेना चलाती है, आइएसआइ चलाती है या जो लोग पाकिस्तान से भागकर विदेशों में बैठे हैं, वो चला रहे हैं? "

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर किसी के लिए चिंता का विषय है कि आखिर किस से बात करें?

इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी दावा किया कि उनके 'पक्ष में लहर है'. उनकी पार्टी और एनडीए की सीटें पहले से बहुत बढ़ेंगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दक्षिण भारतीय राज्य केरल की वायनाड सीट से अपना नामांकन भर दिया है.

अपनी पारंपरिक अमेठी सीट के अलावा राहुल गांधी वायनाड से लोकसभा चुनाव 2019 में उतरे हैं.

उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी इस दौरान वहाँ मौजूद हैं. नामांकन के बाद राहुल ने वहाँ एक रोड शो भी किया.

वायनाड में राहुल गांधी का मुक़ाबला एनडीए प्रत्याशी तुषार वेल्लापल्ली और सीपीआई के पीपी सुनीर से होगा.

2008 में बना वायनाड संसदीय क्षेत्र कांग्रेस की सुरक्षित सीटों में से एक माना जाता है. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में यहां से कांग्रेस के एमआई शानवास जीते थे.

यहां से समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मैदान में हैं. बीजेपी ने आम चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की 16वीं सूची जारी की है.

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है. लेकिन महाराष्ट्र में बीजेपी के महत्वपूर्ण नेता किरीट सोमैया को पार्टी ने नहीं टिकट दिया गया है.

वो इसी सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं. कहा जा रहा है कि गठबंधन की सहयोगी शिवसेना के ऐतराज़ के बाद किरीट सोमैया की जगह पार्टी ने मुंबई नॉर्थईस्ट से मनोज कोटक को टिकट दिया है.

महाराष्ट्र में मुंबई नॉर्थ ईस्ट से मनोज कोटक को, यूपी के फ़िरोज़ाबाद से चंद्र सेन, मनिपुर प्रेम सिंह शाक्या, रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह और मछलीशहर से वीपी सरोज को उम्मीदवार बनाया है.

बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम में एक चुनावी रैली के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को 'मर्डर एक्यूज़्ड कहा.'

सिटिजंस अमेंडमेंट बिल को लेकर उन्होंने कहा, "बीजेपी के मर्डर एक्युज़्ड प्रेसिडेंट ने कहा कि वो इस बिल को पास कर दिखाएंगे."

उन्होंने इस बिल को असम के लोगों पर आक्रमण करार दिया और वादा किया कि कांग्रेस पार्टी इसे नहीं होने देगी.

उन्होंने कहा, "हमने इस बिल को पास नहीं होने दिया और भविष्य में भी इसे पास नहीं होने देंगे."

राहुल गांधी ने कहा कि "कांग्रेस पार्टी ने असम को विशेष राज्य का दर्जा दिया था, औद्योगिक हब बनाने की योजना थी लेकिन बीजेपी ने एक के बाद एक इन चीजों को छीन लिया."

उन्होंने कहा कि "जैसे ही हमारी सरकार आएगी, विशेष दर्जा, नॉर्थ ईस्ट इंडस्ट्रियल पॉलिसी और नया प्लानिंग कमीशन आप लोगों को दिलवा देंगे."

बुधवार को ही पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यंत्री ममता बनर्जी को 'स्पीड ब्रेकर' कहा.

गौरतलब है कि ममता सरकार ने केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लागू न करने का फैसला किया है.

मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में एक चुनाव सभा में कहा, "इनलोगों की तरह ही इनका घोषणा पत्र भी भ्रष्ट होता है. बेईमान होता है, ढकोसलों से भरा होता है, और इसलिए उसे घोषणा पत्र नहीं ढकोसला पत्र कहना चाहिए."

उन्होंने वहाँ कहा कि इसका उदाहण कांग्रेस के पिछले घोषणा पत्रों में किए गए वादों से मिलता है.

मोदी ने कहा,"2004 के अपने ढकोसला पत्र में महामिलावटी लोगों ने 2009 तक देश के हर घर में बिजली पहुँचाने का वादा किया था. लेकिन 2014 में जब मैं आया, तब तक देश के 18 हज़ार घर अंधेरे में थे, और करोड़ों परिवारों ने बिजली नहीं देखी थी."